भारत के सर्वाधिक वंचित वर्गों अर्थात अनुसूचित जनजातियों (एसटी) के समग्र सशक्तिकरण हेतु एक प्रभावी साधन के रूप में, उनके सामाजिक-आर्थिक विकास को समन्वित एवं योजनाबद्ध तरीके से गति प्रदान करना।
देशभर में जनजातीय विद्यार्थियों की शिक्षा को बढ़ावा देने तथा उनके सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित करने के लिए गुणवत्तापूर्ण आवासीय विद्यालयों की स्थापना की वर्तमान प्रवृत्ति के अनुरूप, अनुसूचित जनजाति (एसटी) एवं विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (पीवीटीजी) के विद्यार्थियों हेतु एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय (ईएमआरएस) तथा खेल उत्कृष्टता केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं।
अनुसूचित जनजाति (एसटी) के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने हेतु एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों की स्थापना की जा रही है, ताकि वे उच्च एवं व्यावसायिक शिक्षा प्राप्त कर विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार के अवसरों का लाभ उठा सकें। साथ ही, उन्हें गैर-जनजातीय आबादी के समान अवसर उपलब्ध कराकर देश की जनजातीय आबादी के समग्र विकास को गति प्रदान की जा सके।
एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय एवं खेल उत्कृष्टता केंद्र का उद्देश्य जनजातीय बहुल क्षेत्रों में अनुसूचित जनजाति (एसटी) तथा विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (पीवीटीजी) के विद्यार्थियों को उच्च प्राथमिक, माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक स्तर की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना है। इसके साथ-साथ सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों के माध्यम से उन्हें शिक्षा के सर्वोत्तम अवसरों तक पहुँच प्रदान करना तथा उन्हें सामान्य आबादी के समकक्ष लाना है।